चुल्लवग्ग (पालि: Cullavagga) बौद्ध धर्म के विनयपिटक का दूसरा प्रमुख भाग है। इसमें बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के अनुशासन, संघ के संचालन के नियम, और ऐतिहासिक संगीति (सभाओं) का विस्तृत वर्णन किया गया है।
चुल्लवग्ग के मुख्य १२ अध्याय (खंधक) निम्नलिखित हैं:
कम्म खंधक: संघ द्वारा किए जाने वाले कर्मों और दंड-विधानों का वर्णन।
पारिवासिक: प्रायश्चित और नियमों के पालन से संबंधित नियम।
समुच्चय: भिक्षुओं के आचरण के विभिन्न विषय।
समथ: विवादों और झगड़ों को सुलझाने की प्रक्रिया।
खुद्दकवत्थु: दैनिक जीवन से जुड़े छोटे-मोटे नियम और आचार-विचार।
सेनासन्: विहारों, आवासों और शयन व्यवस्था के नियम।
संधभेदक: संघ में फूट डालने वालों से संबंधित विधान।
वत्त: भिक्षुओं के दैनिक कर्तव्य और आचार-संहिता।
पातिमोक्खट्ठपन: उपोसथ और प्रातिमोक्ष पाठ के नियम।
भिक्खुगी: भिक्षुणियों (ननों) के लिए विशेष नियम और अनुशासन।
पंचसतिक खंधक: भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद राजगृह में हुई प्रथम बौद्ध संगीति (500 भिक्षुओं की सभा) का ऐतिहासिक विवरण।
सत्तसतिक खंधक: वैशाली में हुई द्वितीय बौद्ध संगीति का विस्तृत और ऐतिहासिक वर्णन।