Product Code :CSG 406
Author : Abhay Katyayan
ISBN :
Bound : Paper back
Publishing Date : 2010
Publisher : Chaukhamba Surbharati Prakashan
Pages : 104
Language : Sanskrit Text with Hindi Translation
Length: 21 cm
Width : 13 cm
Height : 1 cm
Weight : 100 gm
Availability : 67
नक्षत्रचिकित्साज्योतिषम् (Nakshatra Chikitsa Jyotisham) वैदिक ज्योतिष (Medical Astrology) का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें नक्षत्रों के आधार पर रोगों की पहचान, उनके कारण और ज्योतिषीय उपचारों का विस्तृत वर्णन किया गया है. यह ग्रंथ मुख्य रूप से प्राचीन ज्योतिष शास्त्र और आयुर्वेद/चिकित्सा विज्ञान के बीच एक सेतु का कार्य करता है
नक्षत्र चिकित्सा ज्योतिष मुख्य रूप से इस सिद्धांत पर काम करता है कि ब्रह्मांड के 27 नक्षत्र मानव शरीर के विभिन्न अंगों और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं
अंगों का वर्गीकरण: मानव शरीर के प्रत्येक हिस्से को एक विशिष्ट नक्षत्र से जोड़ा जाता है (जैसे कुछ नक्षत्र पैरों, कुछ पेट और कुछ हृदय को नियंत्रित करते हैं)
रोगों की पहचान: जन्म के समय या गोचर में नक्षत्रों की पीड़ित स्थिति (Affliction) से यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति को कौन सी शारीरिक या मानसिक बीमारी हो सकती है
सरल उपाय (Remedial Measures): पुस्तक में ग्रहों और नक्षत्रों के नकारात्मक प्रभावों को संतुलित करने के लिए विशेष उपाय बताए गए हैं. इनमें नक्षत्रों से संबंधित पेड़-पौधों की पूजा, जड़ी-बूटियों का उपयोग, दान और मंत्र साधना शामिल हैं
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