Product Code :VPG 99
Author : Goswami Lalit Krishna
ISBN : 9788170848615
Bound : Hard Cover
Publishing Date : 2020
Pages : 36+692
Language : Sanskrit Text with Hindi Translation
Length: 0 cm
Width : 0 cm
Height : 0 cm
Weight : 0 gm
Availability : 93
वल्लभ वेदान्त: ब्रह्मसूत्र अणु भाष्यम्, महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य द्वारा रचित वेदान्त दर्शन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में उन्होंने महर्षि बादरायण द्वारा रचित ब्रह्मसूत्र पर सूक्ष्म (अणु) भाष्य लिखकर अपने 'शुद्धाद्वैत' (शुद्ध अद्वैतवाद) दर्शन का प्रतिपादन किया है
शुद्धाद्वैत दर्शन का आधार: महाप्रभु वल्लभाचार्य ने माया से अछूते 'शुद्ध ब्रह्म' को ही जगत का एकमात्र कारण माना है। उनके अनुसार जीव और जगत ब्रह्म के ही सत्य अंश हैं, कोई मिथ्या या मायावी कल्पना नहीं।
अणु' नाम का कारण: विद्वानों की मान्यता है कि आचार्य ने ब्रह्मसूत्र पर दो भाष्य लिखे थे—एक विस्तृत 'बृहद्भाष्य' और दूसरा संक्षिप्त 'अणुभाष्य'। बृहद्भाष्य अब उपलब्ध नहीं है, इसलिए यही अणुभाष्य पुष्टिमार्ग और वल्लभ संप्रदाय का मुख्य दार्शनिक आधार स्तंभ है।
पूर्व मतों का खंडन: श्री वल्लभाचार्य का मानना था कि उनके पूर्ववर्ती टीकाकारों ने ब्रह्मसूत्र के मूल अर्थ को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया था। उन्होंने सूत्रों का सीधा, सरल और सहज अर्थ प्रकट करने के लिए ही इस ग्रंथ की रचना की।