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Author : डॉ. श्रीकृष्ण 'जुगनू' (Dr. Shrikrishan 'Jugnu')
ISBN : 9788170801915
Bound : Paper Back
Publishing Date :
Pages : 360
Language : Sanskrit Text with Hindi Translation
Length: 0 cm
Width : 0 cm
Height : 0 cm
Weight : 0 gm
Availability : 10
वास्तुमञ्जरी भारतीय वास्तुशास्त्र का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह भवन निर्माण, नगर नियोजन और विभिन्न प्रकार की संरचनाओं के डिजाइन से संबंधित सिद्धांतों और दिशानिर्देशों का विस्तृत वर्णन करता है। वास्तुमञ्जरी भारतीय पारंपरिक वास्तुशास्त्र पर आधारित एक प्रसिद्ध ग्रन्थ है। इसमें आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण के लिए विस्तृत नियम और सिद्धांत दिए गए हैं, जिनमें भूमि का चयन, अभिविन्यास, आयाम और आंतरिक सज्जा शामिल हैं। यह ग्रंथ प्राचीन भारतीय ज्ञान का भंडार है जो आज भी प्रासंगिक है। वास्तुमञ्जरी भारतीय वास्तुशास्त्र के क्षेत्र में एक अमूल्य कृति है। यह ग्रंथ सदियों से वास्तुकारों और भवन निर्माताओं के लिए एक मार्गदर्शक रहा है। इसमें ऊर्जा के प्रवाह, दिशाओं के महत्व और पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है, जो सुखद और समृद्ध जीवन के लिए आवश्यक माने जाते हैं।