Product Code :CSG 710
Author : Acharya Radhey Shyam Chaturvedi
ISBN : 9789394829671
Bound : Hard Bound
Publishing Date : 2025
Publisher : Chaukhamba Surbharati Prakashan
Pages : 135
Language : Sanskrit Text with Hindi Transalation
Length: 23 cm
Width : 15 cm
Height : 1 cm
Weight : 300 gm
Availability : 98
प्रथम पूज्य गणेश की विस्तृत अर्चन-विधि-सहित नमर्चन-हेतु सहस्त्रनामावालि
पुस्तक परिचय
प्रथमपूज्य वैदिक देवता भगवान् गणेश के सन्दर्भ में कुछ भी कहना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है, इसमें लेशमात्र भी सन्देह नहीं है। लोक में समस्त शुभ कार्यों का आरम्भ गणेश-पूजन से ही होता है। कहा भी गया है कि भगवान् गणेश के ख्यात द्वादश नामों का भक्तिभाव से नित्यप्रति पाठ करने वाला समस्त कार्यों में सर्वत्र सफल होता है। त्रैलोक्य में भगवान् गणेश का माहात्म्य सर्वोपरि होने के कारण ही तत्सम्बद्ध सहस्रनामों से विघ्नहर्ता का अर्चन करना सर्वविध फलदायी होता है। गणेशसहस्रनाम के महत्त्व को सर्वातिशायी जानकर ही महामनस्वी तान्त्रिक भास्करराय दीक्षित जी ने इन पर भाष्य लिखकर इसे उपबृंहित करते हुए समस्त नामों के व्युत्पत्तिलभ्य एवं रूढ़ दोनों ही अर्थों को प्रकाशित किया है।
सर्वविध अनुष्ठानों में सर्वप्रथम अर्चनीय भगवान् गणेश के माहात्म्य को दृष्टिगत करके ही प्रख्यात विद्वान डा० राधेश्याम चतुर्वेदी जी ने भास्करराय-कृत भाष्य-सहित गणेशसहस्रनाम को स्वकृत 'ज्ञानवती' हिन्दी व्याख्या से अलंकृत करके पाठकों के साथ-साथ उपासकों का भी महान् उपकार किया है, यह कथन कथमपि अतिशयोक्ति नहीं है।